NATO Full Form In Hindi | NATO क्या है, NATO Countries List In Hindi

NATO Full Form KyaHai: अभी हाल ही में यूक्रेन और रूस का एक भयंकर युद्ध हुआ था जिसका असर पूरी दुनिया पर देखने को मिला। उस समय में NATO शब्द आपको कई बार सूनने को मिला होगा। तो आखिर नाटो क्या है और NATO का फुल फॉर्म क्या है? वैसे नाटो विश्व का सबसे बड़ा सैन्य गठबंधन है जिसके बारे में आज हम जानेंगे।

सन् 1945 में दूसरे विश्व युद्ध की समाप्ति के बाद सोवियत संघ ने अपनी सेना को पूर्वी यूरोप से हटाने से इंकार कर दिया, और अंतराष्ट्रीय संधियों को न मानते हुए बर्लिन की नाकेबंदी कर दी। जिससे अमेरीका और यूरोपियन देश इस बात से डरे थे। इसलिए अमेरिका ने एक ऐसा संगठन बनाया जो पश्चिमी देशों को सोवियत संघ से सुरक्षा प्रदान कर सके। और इसी संगठन को नाटो नाम दिया गया।

वर्तमान में 2022 में जब रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध हुआ, तब NATO की खूब चर्चा हुई। इसीलिए आज काफी लोग जानना चाहते है कि NATO kyahai, NATO का फुल फॉर्म क्या है, नाटो के कितने सदस्य देश हैं, नाटो का मुख्यालय कहां है औरक्या भारत नाटो का सदस्य है आदि।

NATO का फुल फॉर्म क्या है और NATO क्या है

NATO Full Form In Hindi: North Atlantic Treaty Organization, और NATO फुल फॉर्म हिंदी में “उत्तर अटलांटिक संधि संगठन” है। पहले NATO संगठन में कुल 29 देश शामिल थे लेकिन वर्तमान में 2022 के बाद कुल 30 देश शामिल हैं। नाटो एक सैन्य और राजनैतिक गठबंधन है, जिसे सदस्य राष्ट्रों की स्वतंत्रता और सुरक्षा की रक्षा के लिए बनाया गया है।

इस NATO संगठन का मतलब यह है कि जब किसी भी सदस्य राष्ट्र पर आक्रमण होगा तो उस हमले को नाटो के सभी सदस्यों पर हमले के रूप में देखा जाएगा। और उस एक हमले के खिलाफ पूरा नाटो संगठन खड़ा होगा। तो चलिए अब हम यह जानने की कोशिश करते है कि NATO क्या हैं, और NATO की सरंचना क्या है?

NATO क्या है (What is NATO in Hindi)

वर्तमान में नाटो 2020 में ‘उत्तर मैसेडोनिया’ बाद से 30 देशों का एक सैन्य और राजनेतिक संगठन है। इस अंतराष्ट्रीय संगठन की स्थापना 4 अप्रैल 1949 को दूसरे विश्व युद्ध के बाद हुई । नाटो का फुल फॉर्म उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन है जिसे एक दूसरे नाम से भी जाना जाता है, “अटलांटिक अलायंस”।

नाटो का काम अपने संगठन के सदस्य देशों की स्वतंत्रा और सुरक्षा को बनाए रखना है। अगर कोई अन्य देश संगठन के किसी सदस्य देश के ऊपर हमला करता है तो उसक जवाब पूरे संगठन के द्वारा दिया जाएगा।

इस संगठन की एक और बात भी है कि अगर कोई संगठन का सदस्य NATO के बनाए नियमों के विरूद्ध जाता है तो उस पर सख्त कार्यवाही होती है। NATO में एक देश अपनी सेना को दूसरे देश में भेजता है ताकि वे इंटरनेशनल ट्रेनिक ले सके। और इस ट्रेनिक में सैना को सिखाया जाता है कि वे हर परिस्थिति को सख्ती से निपटें।

संगठन का नामNATO (North Atlantic Treaty Organization)
स्थापना किसने व कब की4 अप्रैल 1949 में अमेरिकी राष्ट्रपति हैरी एस ट्रूमैन ने की
NATO का मुख्यालयबेल्जियम के ब्रुसेल्स शहर में
नाटो का उद्देश्यसंगठन के सदस्यी देशों को साम्यवाद से बचाना और हमले के समय सहायता करना
संगठन का प्रकारसैन्य व राजनैतिक संगठन
NATO Full Form In Hindiउत्तरी अटलांटिक संधि संगठन
आधिकारी भाषाइंग्लिश व फ्रेंच
नाटो के सदस्य देशों की संख्यावर्तमान में 30 देश

NATO की सरंचना (Structure)

नाटो का गठबंधन अपने सदस्य देशों की सुरक्षा के लिए किया गया है। और सुरक्षा को बनाए रखने के लिए  कई नियम भी बनाए गए है जिसकी पालन सभी देशों को करनी होगी। क्योंकि सभी नियमों की पालना न करने पर उस सदस्य को दंडित किया जाएगा।

इस संगठन में यह सभी काम परिषद, उप परिषद, प्रतिरक्षा समिति और सैनिक समिति के द्वारा किया जाता हैं। नाटों की सरंचना इन्ही 4 अंको से मिलकर बनी है।

#1. परिषद: यह अंग नाटों का सर्वोच्च अंग है जिसका निर्माण राज्य के मंत्रियों से हुआ है। इस मंत्रिस्तरिय की बैठक यानी परिषद की बैठक वर्ष में केवल एक बार होती है। इस परिषद का मुख्य उत्तरदायित्व सभी स्थितियों को समझते हुए समझौते की धाराओं को लागू करना है।

#2. उप परिषद: यह एक कूटनीतिक प्रतिनिधियों की उप परिषद है जिसे नाटो के परिषद के सदस्य देशों द्वारा नियुक्त किया जाता है। नाटो की उप परिषद का उत्तरदायित्व संगठन के सम्बद्ध सामान्य हितों वाले विषयों पर विचार करना है।

#3. प्रतिरक्षा समिति: इस समिति में नाटो के सदस्यी देशों के प्रतिरक्षा मंत्री शामिल होते हैं। प्रतिरक्षा समिति का मुख्य कार्य प्रतिरक्षा, युद्ध रणनीति, नाटो और गैर नाटों के दशों से सैन्य संबंधी विषयों पर विचार विमर्श करना है।

#4. सैनिक समिति: यह नाटों की एक अहम समिति है जिसमें सेनाध्यक्ष शामिल होते हैं। इस समिति का मुख्य कार्य नाटो परिषद और उसकी प्रतिरक्षा समिति को सलाह देना है।

नाटो का मुख्यालय कहा है (NATO Headquarter)

NATO की स्थापना की पहल अमेरिका ने दूसरे विश्व युद्ध के बाद की थी, जिसके धीरे धीरे संगठन के सदस्यों की संख्या बढ़ती गयी। अभी कुछ वर्ष पहले यानी 2017 और 2020 में क्रमश: मॉन्टेनीग्रो और उत्तर मैसेडोनिया देश शामिल हुए हैं। इस NATO का मुख्यालय बेल्जियम के ब्रुसेल्स शहर में स्थित है, जहां पर सुप्रीम एलाइड कमांडर रहता है।

बेल्जियम के ब्रुसेल्स शहर में ही परीषद और उप परिषद समिति की बैठक होती है। NATO के संस्थापक सदस्य बेल्जियम, लक्जमबर्ग, नीदरलैंड, डेनमार्क, आइसलैंड, इटली, नॉर्वे, पुर्तगाल, कनाडा, फ्रांस, यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य अमेरिका हैं।

नाटो का इतिहास क्या है (History of NATO In Hindi)

सन् 1945 में जब द्वितीय विश्व युद्ध समाप्त हुआ था तब उस समय सोवियत संघ और संयुक्त राज्य अमेरिका दुनिया की सबसे बड़ी महाशक्ति बन गये थे। लेकिन उस समय यूरोप को सोवियत संघ से काफी खतरा था।

सोवियत संघ ने युद्ध समाप्ति के बाद भी पूर्वी यूरोप से सैना को हटाने से इंकार कर दिया, और अंतराष्ट्रीय संधियों को ना मानकर बर्लिन पर नाकाबंदी कर दी। तब यूरोप में संभावित खतरे की संभावना गई थी जिसे देखते हुए फ्रांस, नीदरलैंड, बेल्जिय, ब्रिटेन, लक्जबर्ग जैसे देशों ने मिलकर एक संधि की। और इस संधि का नाम ब्रूसेल्स संधि रखा रखा गया।

इस संधि कुछ देशों का एक सामूहिक संगठन बनाया गया जिसका उद्देश्य संगठन सदस्यों की स्वतंत्रा और सुरक्षा को बनाए रखना है। मतलब अगर किसी भी सदस्य देश पर हमला होता है तो यह सभी देश एक सामूहिक रूप से एक-दूसरे को सैनिक सहायता प्रदान करेंगे। और यह भी तय किया गया है सभी देश एक दूसरे को सामाजिक आर्थिक तौर पर भी सहयोग करेंगे।

इसके अमेरिका ने सोवियत संघ की घेराबंदी शुरू कर दी ताकी वह सबसे बड़ी महाशक्ति बन सके। इसके लिए संयुक्त राष्ट्र संघ ने चार्टर के अनुच्छेद 15 के तहत उत्तर अटलांटिक संधि का एक प्रस्ताव पेश किया।

इस संधि के अंतर्गत 1949 को दुनिया के 12 देशों ने हस्ताक्षर किये जिसमें संयुक्त राज्य अमेरिका के अलावा बेल्जियम, ब्रिटेन, आइसलैंड, कनाड़ा, इटली, डेनमार्क, पुर्तगाल, नॉर्वे, लक्जबर्ग और फ्रांस जैसे कई देश शामिल हुए।

इसके बाद शीत युद्ध से पहले स्पेन, जर्मनी, टर्की, और यूनान जैसे देश भी NATO के सदस्य बन गये। और उसके बाद जब युद्ध खत्म हुआ तो हंगरी, चेक और पोलौंड गणराज्य भी शामिल हुए। इसके बाद 2004 में 7 और देश शामिल हुए, और इस तरह वर्तमान में NATO के कुल 30 सदस्यी देश हैं।

NATO का उद्देश्य क्या है (Objectives of NATO)

  1. NATO की स्थापना का सबसे बड़ा मुख्य उद्देश्य पश्चिमी देशों को सोवियत रूस के साम्यवादी विचारधार से रोकना था।
  2. इस संधि के तहत सभी सदस्यी देशों में मानव के अधिकार, लोकतंत्र और व्यक्तिगत स्वतंत्रता को बनाए रखना है।
  3. NATO संगठन की मदद से आंतकवाद को किसी भी तरह से खत्म करना है।
  4. इसका उद्देश्य नाटो में शामिल सभी देशों में स्थायी शांति को बनाए रखना है।
  5. नाटो संगठन के नियम के अनुसार सभी सदस्यी देश एक दूसरे को सामूहिक सैनिक सूरक्षा और राजनितिक, आर्थिक रूप से सहायता देने के लिए बिल्कुल प्रतिबद्ध है।
  6. सभी देशों में शासन कानून के मूल्यों के आधार पर चले, ये सुनिश्चित करना है।
  7. इस संधि की मदद से सभी सदस्यी देशों के बीच अपनापन और एकजुटता कायम करना है।
  8. समुद्री रास्तो से आने वाले सभी खतरों से सभी देश एक दूसरे के साथ मिलकर रखा करेंगे।
  9. इस संगठन की मदद से अंतराष्ट्रीय लेवल पर किसी भी तरह के उपजे हालात को मिलकर एक दूसरे को सहायता देना।
  10. इसकी मदद से वर्तमान और भविष्य में बाहरी खतरों से निपटने के लिए टेक्नोलॉजी के निर्माण को बढ़ाना है।

नाटो की स्थापना के कारण (Why was NATO Established)

विश्व में जब दूसरा विश्व युद्ध समाप्त हुआ था तब पूरे यूरोप की आर्थिक स्थिति बहुत ही ज्यादा खराब हो गयी थी। और इस खराब स्थिति के कारण वहां के लोग काफी प्रभावित हुए थे जिसके चलते उन्हे बहुत ही निम्न स्तर का जीवन जीना पड़ रहा था। उस समय सोवियत संघ ने मौका देखकर उनका फायदा उठाना चाहा। सोवियत संघ यूरोप में साम्यवाद को स्थापित करके पूरे विश्व में अपना दबदबा बनाना चाहता था।

अगर उस समय सोवित संघ तुर्की को जीत लेता तो काला सागर भी उसके हिस्से में होता। जिससे वह आसानी से आस-पास के सभी देशों में साम्यवाद को स्थापित कर सकता था। इसके अलावा वह ग्रीस पर भी कब्जा करना चाहता था ताकि भूमध्य सागर के रास्ते होने वाले व्यापार पर नियंत्रण कर सके।

लेकिन अमेरीका को इस खतरे का पता चल गया था। उस समय अमेरिका के राष्ट्रपति हैरी एस ट्रूमैन थे जिन्होने नाटो को बनाने की पहल की। NATO की स्थापना निम्न आधार पर की गयी-

  1. द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद सोवियत संघ ने पूर्वी यूरोप पर अपनी सैन हटाने से इंकार कर दिया था और वहां पर साम्यवादी शासन को थोपना शुरू कर दिया। इसलिए उनकी सुरक्षा के लिए नाटो संगठन बनाया गया।
  2. द्वितीय विश्वयुद्ध के कारण पश्चिमी यूरोप में काफी ज्यादा आर्थिक महामंदी आ गयी, जिसकी वजह से भी इसकी स्थापनी की गयी।

ट्रूमैन सिद्धांत क्या था (Truman Doctrine in Hindi)

शीत युद्ध के समय अमेरीका के राष्ट्रपति हैरी एस ट्रूमैन थे जिन्होने पश्चिमी यूरोप में सोवियत संघ के विस्तार को रोकने के लिए एक प्रस्ताव को सामने रखा था। और इसी प्रस्ताव को ट्रूमैन सिद्धांत कहा गया था। इस सिद्धांत का मुख्य उद्देश्य सोवियत संघ के साम्यवाद के विस्तार पर रोक लगाना था और साथ ही साथ यूरोपीय देशों की आर्थिक स्थिति में मदद करना भी था।

इस सिद्धांत के तहत अमेरिका ने उन सभी देशों की सहायता करने का फैसला लिया था जिनको साम्यवाद से भयंकर खतरा था। मैं आपको बता दूं कि साम्यवाद के आ जाने पर लोकतंत्र पूरी तरह से खत्म हो जाता है। और लोग सवतंत्र रहना चाहते थे और सम्यवाद से बचना चाहते थे।

अमेरिका ने इस संधि में यह निर्णय लिया कि इस संघ में शामिल सभी सदस्यी देश स्वतंत्र रहेंगी और उनके लोकतंत्र को कोई भी नही हटाएगा। इसके अलावा अमेरिका सोवियत संघ की साम्यवादी विस्तार को भी रोकेगा। अगर इस संघ में शामिल किसी भी देश पर हमला होता है तो संघ के सभी देश मिलकर उस हमले का अच्छा जवाब देंगे।

मैं आपको एक और बात बता दूं कि मार्शल स्कीम के अंतर्गत तुर्की और ग्रीस को लगभग 400 मिलियन डॉलर की मदद दी गयी थी, और साथ ही उन दोनों को नाटो में शामिल किया गया। अमेरिका की रणनीति की वजह से अमेरिका और सोवियत संघ के बीज बहुत लंबे अरसे तक शीत युद्ध चलता रहा। वैसे इस तरह से NATO का गठन हुआ और आज 30 देशों का संगठन है।

नाटो में कौन-कौन से देश हैं (NATO countries list in Hindi)

नाटो की स्थापना 1949 में द्वितीय विश्वयुद्ध की समाप्त के बाद हुई , और उस समय केवल 12 देश ही सदस्य थे जिसमें बेल्जियम, नीदरलैंड, फ्रांस, यूनाइटेड किंगडम, आइसलैंड, इटली, कनाडा, लक्समबर्ग, नॉर्वे, डेनमार्क, पुर्तगाल और संयुक्त राज्य अमेरिका

इसके बाद 1954 में शीत युद्ध से पहले ग्री और तुर्की भी शामिल हुए और 1955 में पश्चिम जर्मन भी शामिल हो गए। और फिर 1982 में स्पेन संगठन व 1997 में हंगरी, चेक गणराज्य और पोलैंड संगठन में शामिल हुआ। जिसके बाद 2004 में कुल 7 देश एक साथ संगठित हुए और 2009 में अलबानिया और क्रोएशिया भी शामिल हुए।

सन् 2009 के बाद 2017 और 2020 में मॉन्टेनीग्रो और उत्तर मैसेडोनिया शामिल हुए। नाटो का 30 सदस्य देशों का संगठन निम्नलिखित प्रकार से बना।

नाटो के सदस्य देशों की लिस्ट:-

क्र. सं.NATO में शामिल होने का वर्षNATO countries list in Hindi
1.सन् 1949 मेंबेल्जियम, कनाडा, डेनमार्क, फ्रांस,आइसलैंड, इटली, लक्जमबर्ग, नीदरलैंड, नॉर्वे, पुर्तगाल, यूनाइटेड किंगडम, संयुक्त राज्य अमेरिका
2.सन् 1952 मेंयूनान, तुर्की,
3.सन् 1955 मेंजर्मनी
4.सन् 1982 मेंस्पेन
5.सन् 1999 मेंचेक रिपब्लिक, हंगरी, पोलैंड,
6.सन् 2004 मेंबुल्गारिया, एस्तोनिया, लातविया, लिथुआनिया, रोमानिया, स्लोवाकिया, स्लोवेनिया,
7.सन् 2009 मेंअल्बानिया, क्रोएशिया
8.सन् 2017 मेंमॉन्टेनीग्रो
9.सन् 2020 मेंउत्तर मैसेडोनिया

FAQs?

इस आर्टिल में हमने जाना कि आपको नाटो यानी North Atlantic Treaty Organization के बारे में बताया। चलिए अब हम NATO से संबंधित कुछ और सवालों के जवाब को पढ़ते हैं।

Q1. NATO की हिंदी में फुल फॉर्म क्या है?

उत्तर: NATO की फुल फॉर्म North Atlantic Treaty Organization है, जिसकी हिंदी में फुल फॉर्म उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन है।

Q2. क्या भारत भी NATO का एक सदस्य हैं?

उत्तर: भारत देश नाटो का सदस्य नही हैं।

Q3. नाटो का मुख्यालय कहां पर स्थिति हैं?

उत्तर: NATO का मुख्यालय वर्तमान में बेल्जियम के ब्रुसेल्स शहर में है जहां पर अभी सुप्रीम एलाइडर कमांडर रहता है।

Q4. नाटो (North Atlantic Treaty Organization) क्या है ?

उत्तर: NATO (उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन) उत्तरी अटलांटिक संधि द्वारा निर्मित एक सैन्य और राजनैतिक गठबंधन है, जिसे 4 अप्रैल 1949 में गठित किया गया था। इस संधि में संयुक्त राज्य अमेरिका, कनाडा और अन्य पश्चिमी यूरोपीय देशों ने सोवियत संघ के खिलाफ खड़े होने के लिए हस्ताक्षर किए थे। इस संधि को उत्तरी अटलांटक संधि के अलावा वाशिंगटन संधि के नाम से भी जाा जाता है।

Q5. नाटो की स्थापन कब व किसने की?

उत्तर: नाटो की स्थापना 4 अप्रैल 1949 में अमेरिका के राष्ट्रपति हैरी एस ट्रूमैन ने की थी।

Q6. हाल ही में कौनसा देश नाटो में शामिल हुआ है?

उत्तर: सन् 2009 के बाद नाटो में 2017 में मॉन्टेनीग्रो और 2020 में उत्तर मैसेडोनिया शामिल हुए थे।

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Conclusion

इस आर्टिकल में, मैने आपको NATO Full Form Kya Hai, इसके बारे में बताया है। और साथ हीनाटो क्या है, इसकी स्थापना कैसे हुई, किसने की और क्यो की, इन सब के बारे में भी बतायाहैं। मुझे पुरी उम्मीद है कि आपको इस आर्टिकल की मदद से NATO से संबंधित सभी आवश्यक जानकारी मिल गयी होगी।

अगर आपको इसके अलावा भी कोई अन्य जानकारी चाहिए तो आप हमें कमेंट में लिखकर भेज सकते है।

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