BBA Full Form in hindi | बीबीए फुल फॉर्म क्या है, BBA कैसे करें?

BBA Stands For: Bachelor of Business Administration

B – Bachelor OF

B – Business

A – Administration

BBA का फुल फॉर्म

बीबीए अपने पूर्ण स्वरूप का अक्षिप्त स्वरूप है। बीबीए का फुल फॉर्म बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (Bachelor of Business Administration) होता है। इसे सामान्य हिंदी में व्यवसायिक प्रबंध में ग्रेजुएशन कहा जाता है। जो भी अभ्यार्थी बीबीए करना चाहते हैं उन्हें यह जानना बेहद आवश्यक है कि यह एक ग्रेजुएशन कोर्स है। बीबीए की पढ़ाई अभ्यार्थी की 12वीं की पढ़ाई पूर्ण होने के पश्चात ही प्रारंभ हो सकती है। बीबीए मूलतः बिजनेस शिक्षण कोर्स है और यह उन्हीं अभ्यर्थियों को करना चाहिए जिनकी रूचि बिजनेस और उससे संबंधित विषय जैसे कि मार्केटिंग, फाइनेंस और ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट में है।

BBA करने का कारण

यदि हम बात करें बिजनेस की तो उसके लिए व्यक्ति को अच्छे बिजनेस शिक्षण की बेहद आवश्यकता होती है। और अक्सर युवाओं में देखा जाता है कि वह इस विषय को लेकर चिंतित रहते हैं कि वह कौन सा कोर्स चुने। जिस प्रकार एमबीए बिजनेस के लिए एक अच्छा एवं सुचारू कोर्स माना जाता है ठीक उसी प्रकार बिजनेस शिक्षण में बीबीए का महत्व भी कुछ कम नहीं होता है। चाहे कोई बाहर के देशों से पढ़ें या वह भारत में रहकर उसे यदि बिजनेस में कैरियर बनाना है तो उसे बिजनेस शिक्षण के कोर्स जैसे कि एमबीए, बीबीए, बी-कॉम आदि की शिक्षा लेना अत्यंत आवश्यक है।


बीबीए की बात करी जाए तो यह एक उच्चतम श्रेणी का बिजनेस शिक्षण कोर्स है जो कि अभ्यार्थियों को बिजनेस के विषय में योग्य एवं शिक्षित बनाता है। चाहे वह जितने भी जटिल विषयों से उलझे जैसे कि बिजनेस कैलकुलेशन, बिजनेस मार्केटिंग, बिजनेस एथिक्स, बिजनेस मैनेजमेंट, बिजनेस ऑपरेशन आदि यदि वह बीबीए की पढ़ाई करता है तो उसे इन सभी विषयों का ज्ञान प्राप्त होगा क्योंकि यह सभी विषय बीबीए की पढ़ाई में सम्मिलित हैं। और इस प्रकार हम यह जान सकते हैं की बीबीए किसी भी बिजनेस शिक्षण के अभ्यार्थी के लिए कितना महत्वपूर्ण हो जाता है। आम भाषा में कहा जाए तो बीबीए एक ट्रेनिंग कोर्स की तरह अभ्यर्थियों को बिजनेस में जटिल से जटिल समस्याओं से भी उबरने के लिए ट्रेन करता है।

कॉरपोरेट उद्योग में बीबीए का अत्यंत महत्व है। बी बी ए (bba) करने के बाद आप किसी भी सरकारी क्षेत्र में अथवा आईटी इंडस्ट्री में भी जॉब कर सकते हैं। इस प्रकार बीबीए आपको बहुत सारे कॉरपोरेटिव एग्जीक्यूटिव सीखने के लिए भी अवसर प्रदान करता है। यह हम आसानी से कह सकते हैं कि बीबीए करने वाले अभ्यार्थियों के पास इतना बल आ जाता है कि वह अपना स्वयं का बिजनेस स्थापित करें और उसे ऊंचाइयों तक पहुंचाएं। बिजनेस करने के लिए बीबीए करना अभ्यर्थियों के लिए एक उच्चतम राह है और इसे हमें इसी रूप में स्वीकार करना चाहिए।

BBA की अवधि

भारत में बीबीए कोर्स 3 साल का होता है जो कि 6 सेमेस्टर ओ में विभाजित किया जाता है। इस प्रकार प्रत्येक कॉलेज में बी बी ए का कोर्स 3 सालों में बटा हुआ है। कई कॉलेज में परीक्षाएं 6 सेमेस्टर के बजाय प्रत्येक वर्ष में एक बार ही ले ली जाती है इस प्रकार 3 साल में तीन मुख्य परीक्षाएं होती हैं। जो भी अभ्यर्थी बीबीए का कोर्स करना चाहते हैं वह इस बात का ध्यान दें कि यदि आप अपने मुख्य 3 साल इस कोर्स को सीखने में लगाएंगे तो अवश्य ही बिजनेस शिक्षण में एवं अपने बिजनेस में अनेक बुलंदियों को प्राप्त करेंगे।

युवाओं में आजकल बिजनेस शिक्षण में बीबीए का कोर्स करने का उत्साह दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। क्योंकि यह कोर्स न केवल बिजनेस शिक्षण में अपितु कॉर्पोरेट सेक्टर में भी अभ्यार्थियों के लिए नए-नए रास्ते निकालता है और इस प्रकार हर एक क्षेत्र में अभ्यार्थियों के लिए रास्ते निकलते हैं। बीबीए करने का महत्व इस बात से आंका जा सकता है कि जब किसी भी अभ्यार्थी ने अपनी बीबीए की पढ़ाई पूरी कर ली होती है तो वह सरकारी क्षेत्र में भी नौकरी के लिए योग्य होता है। बी बी ए का कोर्स सरकार द्वारा भी सराहा जाता है। इसे उत्तीर्ण करने वाले अभ्यार्थी कॉरपोरेट सेक्टर की अनगिनत बुलंदियों को हासिल कर सकते हैं।

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